Computer Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain - कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं

Computer Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain - कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं

नमस्कार दोस्तों, आज इस पोस्ट में मैने Computer Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain - कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं ? के बारे में जानकारी दी है जिससे आपको बहुत कुछ जानने को मिलेगा।

कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है जिसके माध्यम से आज के समय पर कुछ भी काम आसानी से किया जा सकता है। कंप्यूटर ने सभी क्षेत्र में अपना प्रभुत्व स्थापित किया है यही कारण है आज कंप्यूटर का उपयोग घर, निजी कार्यालय, सरकारी दफ्तर, स्कूल में, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, चिकित्सा के क्षेत्र में, व्यवसाय के लिए, दस्तावेजों बनाने में, ऑनलाइन संबंधी कार्य करने में और मनोरंजन के उद्देश्य से भी इसका उपयोग होने लगा है। कंप्यूटर उन उपकरणों में से एक है जिसकी जरूरी इंसान को पड़ती ही है। अगर दस्तावेज तैयार करना हो तो बिना कंप्यूटर नहीं हो सकता, दफ्तर के कर्मचारी को कंप्यूटर का ज्ञान होना अनिवार्य है क्योंकि वहां सब काम इसी में होता है। 

कंप्यूटर इस्तेमाल करना अब आसान लगने लगा है क्योंकि ज्यादातर आबादी आज तकनीकी से जुड़ चुकी है इस वजह से कुछ बहुत तकनीकी ज्ञान सभी को हो गया है। कंप्यूटर की जरूरत रोजमर्रा की जिंदगी में पड़ती ही है जो इसपर अपना काम करते हैं उनका काम इसके बिना ठप है। कंप्यूटर का महत्व आज सबको पता चल रहा है इसलिए स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराया जा रहा है। आम आदमी, हाउस वाइफ, स्कूल के बच्चे सभी कंप्यूटर शिक्षा से जुड़कर तकनीकी ज्ञान विकसित करने में लग गए हैं।

जिस तरह मोबाइल आज की जरूरत है उसी तरह कंप्यूटर भी सबके लिए महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। आज हॉस्पिटल, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, कार्यालय अथवा कार्य - स्थल, बैंक, दुकानों आदि जगहों में कंप्यूटर देखना आम बात हो गई है। 

कंप्यूटर सिस्टम की उपयोगिता इतनी बढ़ी है की आज घरों में पर्सनल कंप्यूटर (pc) का इस्तेमाल मनोरंजन के उद्देश्य से मूवी देखने, गाने सुनने और कार्य के मकसद से दस्तावेज बनाने, डिजिटल ड्राइंग, फोटो एडिटिंग, वीडियो - ऑडियो एडिटिंग, ऑनलाइन कार्य, कीबोर्ड टाइपिंग इत्यादि काम के लिए किया जाने लगा है। इस उपकरण में इतनी सुविधाएं होने की वजह से इंटरनेट पर कंप्यूटर रिलेटेड महत्वपूर्ण सवालों के जवाब को खोजा जाता है जिसमें एक Computer Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain भी मुख्य है। अगर आप ज्यादातर लोगों से सीधे - सीधे पूछे की कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं ? तो कुछ लोग इसका उत्तर नहीं दे पाएंगे और जिन्होंने इसके बारे में पढ़ा होगा वही इसके हिंदी नाम बता पाएंगे। 

आज इस लेख का मुख्य उद्देश्य आपका ज्ञान को और बढ़ाना है कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं? के अलावा कुछ महत्वपूर्ण जानकारी इसमें सम्मिलित है।

Computer Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain

Computer Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain - कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं
Computer Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain

Computer एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसे गणना करने के उद्देश से बनाया गया था। ये एक साथ बहुत बड़े आंकड़े की गणना करने में पूरी तरह सक्षम है। अगर किसी बुद्धिमान व्यक्ति को बहुत ज्यादा काम एक साथ करने को दे दिया जाए तो भी उसे काफी वक्त लग जाएगा लेकिन कंप्यूटर को इन्हीं कार्यों को लिए डिजाइन किया गया है जो अधिक कार्य को मिनटों में करने की क्षमता रखना है। कुछ मामूली टास्क ये कुछ सेकंड्स में पूरी कर लेता है। 

इसे बनाया ही उस तरह से जाता है की इससे तार्किक व् जटिल कार्य चुटकियों में किया जा सके। अगर एक मनुष्य को इस 215486 X 684566 संख्या को गुणा करने को कहा जाए तो उसे कुछ वक्त लगेगा लेकिन अगर यही काम कंप्यूटर पर करें तो इस संख्या को गुणा करने के लिए दर्ज करके केवल एक बटन दबाते ही परिणाम सामने होगा। 

आइए इस चमत्कारी उपकरण के यानि कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं के बारे में जानते हैं: सबसे पहले तो जान लेते हैं कि Computer शब्द कहां से आया है? तो ये अंग्रेजी के एक शब्द "Compute" से आया है इसका हिंदी अर्थ है गणना करने वाला।

कंप्यूटर को हिंदी भाषा में "संगणक" कहा जाता है इस नाम से कम लोग ही परिचित है सामान्य बोल चाल में computer शब्द ही use होता है। संगणक के अलावा इसके अभिकलित्र, अभिकलक, परिकलक इत्यादि नाम हैं।

कंप्यूटर को संस्कृत में क्या कहते हैं? - Computer Ko Sanskrit Mein Kya Kahate Hain


संस्कृत प्राचीन भाषाओं में से एक है कंप्यूटर को संस्कृत में संगणकयंत्रम् कहते हैं। यह हिंदी नाम संगणक से काफी मिलता जुलता है। स्कूलों में संस्कृत भाषा का अध्ययन कराया जाता है जिसमें कंप्यूटर को संगणकयंत्रम कहा गया है। कंप्यूट, संगणक, संगणक यंत्रम, कंप्यूटर इनमें सर्वाधिक प्रचलित नाम computer है।

Laptop Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain ?


कंप्यूटर सिस्टम के बाद लैपटॉप बनने शुरू हुए वास्तव में यह कंप्यूटर का ही पोर्टेबल रूप है जिसे जहां कहीं भी आसानी ले जाया जा सकता है, इसे बैग और हाथ में लेकर चला जा सकता है, यह पूरे कंप्यूटर सिस्टम से काफी हल्का होता है। काफी लोग ये जानना चाहते हैं की लैपटॉप को हिंदी में क्या कहते हैं? तो लैपटॉप को हिंदी में सुवाह्य संगणक कहा जाता है। इंग्लिश के Laptop शब्द में Lap का अर्थ: गोद और Top का अर्थ: ऊपर होता है, मतलब जिस उपकरण को गोद के ऊपर रखकर काम किया जाए उसे लैपटॉप या सुवाह्य संगणक कहते हैं।

कंप्यूटर और लैपटॉप में क्या अंतर है?

  • Computer और Laptop के बीच बड़ा अंतर इनके आकार का है। 
  • कंप्यूटर सिस्टम का साइज बड़ा तथा लैपटॉप का छोटा होता है। 
  • इसमें बहुत सामान्यता पाई जाती है जो काम कंप्यूटर से किया जा सकता है वही लैपटॉप में संभव है, क्योकि Laptop कंप्यूटर का ही छोटा रूप है, जिसे आसानी से यहाँ - वहां ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है इसलिए ये हल्का होता है। 
  • कंप्यूटर को चलाने के लिए बिजली की आवश्यकता होती है जबकि लैपटॉप बैटरी से चलती है। 
  • लैपटॉप को एक जगह बैठकर चलाया जाता है लेकिन लैपटॉप को टेबल, बेड पर, ट्रेवल करते हुए कहीं भी चला सकते है यह फोल्डेबल भी होता है इसलिए अपने accourding एडजस्ट कर सकते हैं। 
  • व्यक्ति अपने जरूरत के अनुसार कंप्यूटर या लैपटॉप का चुनाव करता है। अगर एक जगह बैठ के काम करना है तो कंप्यूटर और ट्रेवल करते हुए इस्तेमाल करने के लिए लैपटॉप ले सकते हैं। 

कंप्यूटर का कितना भाग होता है?

कंप्यूटर के मुख्य रूप से दो भाग होते हैं एक सॉफ्टवेयर दूसरा हार्डवेयर। सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के अंदर इंस्टॉल रहता है जिसे यूज़र स्पर्श नहीं कर सकता किंतु हार्डवेयर वे ठोस चीजें होते हैं जिन्हें स्पर्श किया जा सकता है।

हार्डवेयर में कंप्यूटर के अलग अलग भाग आ जाते हैं जैसे माउस, कीबोर्ड या कुंजीपटल, मॉनिटर, सीपीयू, प्रिंटर समेत कंप्यूटर में उपयोग होने वाले अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इत्यादि। हार्डवेयर में इनपुट और आउटपुट डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है इनपुट डिवाइस में कुंजीपटल और आउटपुट डिवाइस में प्रिंटर आता है।

कंप्यूटर के इनपुट तथा आउटपुट डिवाइस को मिलाकर इसके कुछ जरूरी भागों के बारे में जानें:


  • मॉनिटर
  • माउस
  • कीबोर्ड
  • सीपीयू
  • जीपीयू - ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट
  • रैम
  • रोम
  • हार्ड डिस्क
  • SSD
  • मदरबोर्ड

1. मॉनिटर 

मॉनिटर के बिना कंप्यूटर सिस्टम में होने वाले कार्यों को नहीं देख सकते। कंप्यूटर पर जो स्क्रीन है जिसमें दृश्य प्रदर्शित होता है वही मॉनिटर है। इसके द्वारा इमेज, टेक्स्ट, सॉफ्टवेयर इंटरफेस, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज देखा व रीड किया जा सकता है। पहले मॉनिटर टेलीविजन टाइप आते थे लेकिन अब एलईडी डिस्प्ले विथ हाई रिजॉल्यूशन के साथ मॉनिटर अवलेबल होते हैं जिसमें monitor display adjustment के लिए control buttons दिए गए होते हैं। आजकल LED, LCD और CRT प्रकार के Monitor आने लगे हैं।

2. माउस

पूरे कंप्यूटर सिस्टम को हैंडल करने का काम माउस का होता है इसके प्वाइंटर की मदद से किसी भी सॉफ्टवेयर को ओपन एंड क्लोज, इमेज फाइल को ड्रैग एंड ड्रॉप और वेबपेज को स्क्रॉल करना संभव है। यह एक इनपुट डिवाइस है जो अत्यंत महत्वपूर्ण है इसके बिना कंप्यूटर पर कार्य कर पाना बहुत कठिन लगता है। मैकेनिकल माउस, वायरलेस माउस, ऑप्टिकल माउस इत्यादि अलग अलग तरह के डेस्कटॉप माउस बनने लगे हैं।


3. कीबोर्ड

टाइपिंग से जुड़े काम काजों में सबसे उपयोगी इनपुट डिवाइस है जिसके जरिए हम अपने दस्तावेजों को तैयार कर सकते हैं बुक लिखकर प्रिंट करने में कुंजीपटल का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। ये वायर्ड और वायरलेस दोनों प्रकार के उपलब्ध है इसमें 100 से अधिक बटन आते हैं जो अक्षर लिखने और गणितीय गणना के काम में उपयोगी हैं।

4. CPU

CPU का पूरा नाम Central Processing Unit है। पूरे कंप्यूटर को संचालित करने का कार्य से क्यों करता है इसे कंप्यूटर का मस्तिष्क माइक्रोप्रोसेसर भी कहा जाता है। CPU के साथ सभी इनपुट-आउटपुट डिवाइस जैसे माउस, कीबोर्ड, प्रिंटर आदि वायर या वायरलेस माध्यम से जुड़े होते हैं। उपयोगकर्ता के निर्देशों को प्राप्त कर उनको सही-सही प्रोसेस करने का काम सीपीयू और इसमें लगे सहयोगी कंपोनेंट्स का होता है। 

5. ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU)

ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट को ग्राफिक प्रोसेसर भी कहते हैं। GPU एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट है जो मॉनिटर डिस्प्ले में छवि प्रदर्शित करने में सहायक होता है, यह framebuffer के कार्य को आसान बनाता है, framebuffer रैंडम एक्सेस मेमोरी का एक part  है जिसमें bit map लगा रहता है जो video display या मॉनिटर स्क्रीन को संचालित करने का काम करता है। जब pc पर high definition video game चलाया जाता है तो graphic design जल्दी से लोड नहीं हो पाते डिस्प्ले में छवि हैंग होने लगती है उसे fix करने और High resolution video and High definition games को smoothly run करने के लिए Graphics Processing Unit जरूरी है।

6. RAM - Random-Access Memory

RAM का का पूरा नाम Random Access Memory है। यह बहुत जरूरी component है जो कंप्यूटर में run होने वाले सॉफ्टवेयर और प्रोग्राम को लोड करता है। RAM एक तरह का मोमोरी है जिसमें उसके GB के अनुसार capacity रहती है और उसी अनुसार उसमें डेटा को run किया जा सकता है। अधिक heavy video game को load करने के लिए RAM पर ज्यादा load पड़ता है इसलिए video games के लिए अधिक GB (8-16gb) के RAM को Best माना जाता है। रैम कंप्यूटर के performance को भी effect करता है, इसलिए 1-2 GB RAM वाला पीसी जल्दी हैंग होता है और 4-16 GB का RAM वाला पीसी फास्ट काम करता है और उसमें अधिक एप्लीकेशन चालू करके मल्टीटास्टिक कर सकते हैं।

7. रोम (ROM)

ROM मतलब Read-Only Memory की वजह से ही कंप्यूटर ऑन हो पाता है। बूटिंग प्रक्रिया चालू करने के में ये सहायक है। यह सॉफ्टवेयर के निर्देशों को संभालकर रखता है। अगर रोम में डाटा चला गया तो उसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से हटाया नहीं जा सकता और न ही इसमें बदलाव किए जा सकते हैं।

जब कंप्यूटर के लिए रूम डिजाइन किया जाता है तो उसमें परमानेंट तरीके से प्रोग्रामिंग की जाती है जिसे उपयोगकर्ता नहीं बदल सकता इसमें केवल डाटा रीड किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त रोम के अन्य प्रकार जैसे E-PROM और EE-PROM में विशेष तरीकों द्वारा modify कर सकते हैं।

8. हार्ड डिस्क

हार्ड डिस्क कंप्यूटर के केस के अंदर लगा होगा है। कंप्यूटर केस एक attachment है जिसमें हार्डवेयर कंपोनेंट्स attatch रहते हैं जिसमें से एक Hard disk भी है। यह data cable के द्वारा  motherboard से connected रहता है। एक हार्ड डिस्क को कंप्यूटर का सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस कहा जाता है जिसमें बड़े फाइल्स को आसानी से रखा जा सकता है। इसमें 500GB - 1TB तक का space मिलता है हम जो वीडियो ऑडियो आदि फाइल को इंटरनेट से डाउनलोड करते हैं वह इसी में स्टोर होते जाता है। इसके अंदर किसी भी digital files को सुरक्षित रखा जा सकता है। कंप्यूटर द्वारा हार्ड डिस्क को हम अलग-अलग पार्टीशन में बांट सकते हैं।

9. मदरबोर्ड

Motherboard एक Printed Circuit Board है जिसमें अलग अलग Components को अटैच किया जाता है। उसमें कंपोनेंट्स एक-दूसरे से प्रॉपर जुड़े रहते हैं मदरबोर्ड उनमें बैलेंस्ड पावर सप्लाई करता है जिसकी वजह से हाई वोल्टेज पर भी कोई शर्ट सर्किट न हो।

मदरबोर्ड प्लेट की तरह पतला होता है ये अलग - अलग संरचनाओं के हो सकते हैं जिसमें अटैचमेंट के लिए कम या अधिक स्लॉट हो सकते हैं उसकी कीमत भी उसी आधार पर कम-ज्यादा रहता है। मदरबोर्ड में RAM, CPU, Hard Disk, Processor, Graphics Card आदि कंपोनेंट्स को जोड़ा जाता है मदरबोर्ड कॉम्पोनेंट को Hold करके रखता है इसमें जुड़े कंपोनेट्स आपस में कनेक्टेड रहते हैं इसलिए उनमें निरंतर विद्युत प्रवाह होते रहता है।

मदरबोर्ड में अलग - अलग कनेक्टर लगे रहते हैं AUX cable, HDMI cable, VGA cable, USB ports etc. Connecting options मिलते हैं जिसमें other hardware devices जो जरुरी cable के through connect किया जा सकता है। मदरबोर्ड कंप्यूटर की अलग-अलग कंपोनेंट्स और हार्डवेयर डिवाइस को आपस में जोड़ कर रखता है और उनको उचित ढंग से संचालित करने में मदद करता है।

पहला कंप्यूटर का आविष्कार कब हुआ था?

कंप्यूटर विज्ञान की खोज Alan Turing ने की है और सफलतापूर्वक पहला कंप्यूटर का आविष्कार चार्ल्स बैबेज ने 1822 में किया था। 

आगे चलकर ENIAC एक पहला programmable, electronic, general purpose digital computer था जिसे 1945 को devloped किया गया, इस computer की खासियत थी की इसे जरूरत अनुसार reprogramming किया जा सकता था। ENIAC कंप्यूटर के निर्माण के लिए John Mauchly और J. Presper Eckert को जाना जाता है।

1904 ईसवी में बना Vacuum tube computer को first generation का कंप्यूटर कहा जाता है। वैक्यूम-ट्यूब कंप्यूटर 1960 के दशक में भी प्रचलित थे।

Time period के साथ अलग - अलग computer generation आने लगे। पहले सन 1940-1950 के दौरान First Generation वाला कंप्यूटर चलता था। 1950-1960 में Second Generation का इस्तेमाल हुआ, 1960-1970 में Third generation, 1970 में fourth generation और आगे चक्कर Fifth Generation का कंप्यूटर उपयोग होने लगा है। Time to time improvement के साथ computer technology विकसित हुई और computer प्रोसेसर भी अलग अलग जेनरेशन वाले आने लगे।

कंप्यूटर का पुराना नाम -

कंप्यूटर का आविष्कार कई सालों पहले हो चुका है लेकिन जब आधुनिक कंप्यूटर नहीं थे तब कई जुगाड़ अपनाए जाते थे। डंडे का प्रयोग करके पत्थर, समतल सतह के ऊपर गणितीय गणनाएं की जाती थी, इस तरह लिखावट होने की वजह से ही शिलालेखों में प्राचीन लिखावटों के प्रमाण मिलते हैं। इससे पहले चॉक के जरिए पत्थर पर जोड़ घटाव का काम होते थे। कंप्यूटर के हिंदी पुराना नाम में "संगणक" प्रमुख है। कंप्यूटर को गणना करने वाला उपकरण के रूप में जाना जाता है इससे पहले पुराने गणना वाले कुछ उपकरणों का प्रयोग होता था हैं इसलिए हम उनके नाम का विवरण लिख रहे हैं।

Abacus (अबाकस) 

यह एक उपकरण है जिसका प्रयोग गणना करने के लिए किया जाता है। इसे गणक सांचा के नाम से भी जानते हैं। पुराने समय में इस अंकगणितीय उपकरण का उपयोग एशिया के लोग जोड़ - घटाव इत्यादि में किया करते थे।

Napier’s Bones 

इसे Napier's rods के नाम से भी जानते हैं, यह भी एक उपकरण था जिसमें क्रमांकित छड़े लगी रहती थी, इसका प्रयोग किसी संख्या को 2 और 9 से गुणा करने के लिए करते थे। इस उपकरण को जॉन नेपियर ने गुणा और भाग में सहायता के लिए इसका निर्माण लगभग 400 वर्षों से पहले कर दिया था।

Pascaline (पास्कलाइन)

यह बहुत पुराना एक गणितीय मशीन था जिसे ब्लेज़ पास्कल ने विकसित किया था। इसे कुछ इस तरह डिजाइन किया गया था की इसकी मदद से दो संख्याओं को सीधे जोड़ना और घटाना संभव था, इसी माध्यम का उपयोग करके गुणा और भाग किया जाता था।

Stepped Reckoner

कंप्यूटर आने से पहले Stepped Reckoner भी एक मुख्य साधन हुआ करता था अंक गणना के लिए। इसे जर्मन गणितज्ञ गॉटफ्राइड विल्हेम वॉन लीबनिज ने बनाया था।

Difference Engine

यह स्वचालित यांत्रिक कैलकुलेटर है इस उपकरण को सर्वप्रथम Charles Babbage ने 1820 के दशक में बनाया था। यह कैलकुलेटर कई उपयोगी गणनाएं करने में सक्षम था। लंदन साइंस म्यूज़ियम में डिफरेंस इंजन उपकरण सुरक्षित रखा गया है।

Analytical Engine

यह पूरी तरह से प्रोग्राम नियंत्रित स्वचालित उपकरण था इसमें किसी भी गणना को करना आसान था। एनालिटिकल इंजन भी चार्ल्स बैबेज द्वारा डिजाइन किया गया था, इनसे पहले इस तरह का गणना उपकरण बनाने की सोची भी न थी।

Tabulating Machine (टैबलेटिंग मशीन)

हरमन होलेरिथ द्वारा आविष्कृत एक इलेक्ट्रोमैकेनिकल मशीन थी जो Punched card में stored information के summarizing के लिए बनाई गई थी।

Differential Analyzer

20th century के first half में Differential Analyzer का बहुत ज्यादा उपयोग होता था। यह उपकरण भौतिक समीकरण का अनुसरण करके उसका हल निकालने में सक्षम था।

Mark I / Harvard Mark I

ये बड़े पैमाने पर mathematical tables की गणना के लिए बनाया गया था एक इलेक्ट्रोमैकेनिकल कंप्यूटर था।

कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं?

आधुनिक युग में कंप्यूटर अलग - अलग प्रकार के बनाये गए हैं। जितने भी प्रकार हैं उन्हें विशेष कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया है, कुछ कंप्यूटर को हाई प्रोसेसिंग कार्यों के लिए बनाया गया है जो सर्वाधिक शक्तिशाली होते हैं तो कुछ पर्सनल यूज़ के लिए आते हैं जिन्हें (PC) कहते हैं। आइये कंप्यूटर के टाइप्स को जानते हैं। 

कंप्यूटर के अविष्कार के बाद से कंप्यूटर के कई प्रकार आने लगे। कंप्यूटर को हिंदी में संगणक कहा जाता है यह आपने जान लिया। लेकिन कंप्यूटर के अलग - अलग प्रकार के भी अलग अलग नाम है उनके बारे में आपको जरूर पता होना चाहिए। कंप्यूटर का यूज़ आज हर कोई कर रहा है लेकिन अब भी इसके types  के बारे में कम लोग जानते हैं। कंप्यूटर मुख्यतः चार प्रकार के होते है - 
  • सुपर कंप्यूटर (Super Computer)
  • मेनफ़्रेम कंप्यूटर (Mainframe Computer)
  • मिनी कंप्यूटर (Mini Computer)
  • माइक्रो कंप्यूटर (Micro Computer)
ये कंप्यूटर के प्रकारों के नाम हैं, चलिए इनके बारे में एक-एक करके जानते हैं।

Super Computer

Super computer बहत तेज काम करता है। इस तरह के computer की high speed होती है जो बहुत सारे multitasking को एक साथ handle करने में कुशल हैं। 

सुपर कंप्यूटर को very difficult tasks complete करने के लिए use करते हैं। इसका इस्तेमाल National Security, Aerospace, automotive और Petroleum industries इत्यादि में किया जाता है। 

इसका उपयोग वैज्ञानिक और इंजीनियर्स रिसर्च सेंटर में करते हैं वहां इस सुपर कंप्यूटर्स को अधिक जटिल कार्य दिया जाता है जिसे यह तीव्रता से पूरा करके उचित परिणाम देते हैं। 

इसकी तीव्रता इसलिए इतनी अत्यधिक होती है क्योंकि सुपर कंप्यूटर एक से अधिक कंप्यूटर को मिलाकर बनता है जो साथ में डाटा को प्रोसेस करते हैं इसलिए इनकी गति सामान्य कंप्यूटर सिस्टम की तुलना में कई गुना अधिक होती है। Super Computer को Hindi में "महासंगणक" (Mahasanganak) कहा जाता है।

Mainframe Computer

Mainframe computer का इस्तेमाल बड़े - बड़े संस्थान में क्या जाता है। पर्सनल कंप्यूटर में एक ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल किया जाता है लेकिन इसमें multi user ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल किए गए होते हैं। इसकी विशेषता है कि मेनफ्रेम कंप्यूटर को एक साथ अलग-अलग उपयोगकर्ताओं द्वारा उपयोग किया जा सकता है। इसमें एक साथ कई लोग विभिन्न कार्यों को संपन्न कर सकते हैं। दुनिया का पहला मेनफ्रेम कंप्यूटर सिस्टम सन् 1940 में बनाया गया था।

Mini Computer

मिनी कंप्यूटर शब्द का विकास 1960 के दशक में हुआ था इस कंप्यूटर का साइज Mainframe Computer से छोटा तथा micro computer से बड़ा रहता है। यह भी एक मल्टी यूजर कंप्यूटर सिस्टम है जिसमें एक साथ अलग अलग व्यक्ति अपना काम कर सकते हैं यह कंप्यूटर सस्ते कीमत पर मिल जाते हैं। इसका आकार माइक्रो कंप्यूटर की तरह होता है लेकिन इसकी कार्य शक्ति माइक्रो कंप्यूटर से अधिक होती है।

Micro Computer

माइक्रो कंप्यूटर वह कंप्यूटर है जिसमें सीपीयू के रूप में माइक्रोप्रोसेसर कार्य करता है, इसका आकार मेनफ्रेम और मिनी कंप्यूटर से छोटा होता है इसलिए सब माइक्रोकंप्यूटर कहते हैं। माइक्रोकंप्यूटर यह नाम अब अधिक प्रचलित नहीं रहा, अब इसे पर्सनल कंप्यूटर या पीसी कहा जाने लगा है इस कंप्यूटर को एक व्यक्ति द्वारा चलाया जाता है।

Conclusion

इस लेख के जरिये हमने Computer Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain की जानकारी दी है। इसके साथ में कंप्यूटर से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की है। ये सारी जानकारी हमने अपनी रिसर्च के मुताबिक इस लेख में प्रस्तुत किया है, यदि आपको यह आर्टिकल कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं पसंद आया तो इसे अपने मित्रों साथ जरूर शेयर करें। 

FAQs - कंप्यूटर से सम्बंधित अक्सर पूछे जाने वाले सवाल के जवाब (Answers to frequently asked questions about computers)

कंप्यूटर से सम्बंधित बहुत कई सवाल जिसे लोग इंटरनेट पर सर्च करते हैं उनमें से कुछ के जवाब नीचे हिंदी में बताये गए हैं उसे भी जरूर पढ़ें -

Q1. Computer Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain Bataiye

Ans - कंप्यूटर को हिंदी में संगणक कहा जाता है। इसका अर्थ गणना करने वाला है, इसे संगणक, अभिकलक, अभिकलित्र भी कह सकते हैं। कंप्यूटर का छोटा रूप जिसे कहीं भी ले जाया जा सकता है उसे लैपटॉप कहते हैं जिसे हिंदी में सुवाह्य संगणक कहते हैं। 

Q2. लैपटॉप को हिंदी में क्या कहा जाता है?

Ans - यह बहुत कम लोगों को पता है की लैपटॉप को Hindi में "सुवाह्य संगणक" (Laptop) कहा जाता है। 

Q3. कंप्यूटर का जनक कौन है?

Ans - कंप्यूटर का जनक चार्ल्स बैबेज को कहा जाता है वह एक अविष्कारक तथा गणितज्ञ थे जिन्होंने गणना के उद्देश्य से कंप्यूटर का अविष्कार किया, पुराने समय में कंप्यूटर को कई विभिन्न नामों से जाना जाता था।   

Q4. कंप्यूटर को इंग्लिश और हिंदी में क्या कहते हैं?

Ans - इसे इंग्लिश में "Computer" और हिंदी में "संगणक" कहते हैं, तथा शुद्ध हिंदी का प्रयोग करते समय इसे अभिकलक या अभिकलित्र भी कह सकते हैं। 

Q5. Computer को संस्कृत में क्या कहते हैं?

Ans - संगणकयंत्रम

Q6. कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?

Ans - COMPUTER का Full Form - Common Operating Machine Purposely used for Technological and Educational Research है।

Q7. कंप्यूटर का कितना भाग होता है?

Ans: मुख्य रूप से दो - हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर।

Q8. कंप्यूटर किस भाषा का शब्द है?

Ans - COMPUTER अंग्रेजी भाषा का शब्द है यह Compute Word से बना है जिसका हिंदी अर्थ गणना करना है।

Q9. कंप्यूटर के 4 मुख्य भाग कौन से हैं?

Ans - मॉनिटर, CPU, माउस और कीबोर्ड।

Q10.कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं?

Ans - कंप्यूटर तीन तरह के होते हैं - पहला एनालॉग कंप्यूटर, दूसरा डिजिटल कम्प्यूटर और तीसरा हाइब्रिड कंप्यूटर।

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