Song Kaise Banaye - Song Kaise Banaya Jata Hai in Hindi

Song Kaise Banaye - Song Kaise Banaya Jata Hai in Hindi

दोस्तों हर किसी को Song सुनना पसंद होता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की Song Kaise Banaya Jata Hai ? इस पोस्ट में मैं आपको Song Kaise Banaye (सॉन्ग कैसे बनाये) बताने वाला हूँ, इस लेख को पढ़ने के बाद गाना कैसे बनाये? या गीत कैसे बनते हैं इसका जवाब आपको मिल जायेगा, दोस्तों गाने बनाने के लिए एक process होता है जल्दबाजी में सदयों तक याद की जाने वाली गीत नहीं लिखी जा सकती, तो आइये जानते हैं की हम जो गाने सुनते हैं उनकी रचना कैसे होती है?

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Song Kaise Banaye - Song Kaise Banaya Jata Hai

Song Kaise Banaye - Song Kaise Banaya Jata Hai in Hindi
Song Kaise Banaye in Hindi


मित्रों पहले के समय में म्यूजिक बनाने के लिए सभी म्यूजिशियन को एक जगह एकत्रित किया जाता था और सभी अलग-अलग वाद्य यंत्रों को बचाया करते थे और उसे रिकॉर्डिंग डिवाइस में रिकॉर्ड कर दिया जाता था, पहले के समय में गाना एनालॉग तरीके से बनाया जाता था बाद में उसे डिजिटल फॉर्म में बदला जाता था, लेकिन अभी ऐसा नहीं है अब डिजिटल तरीके से लगभग हर गाने बनते हैं, इसके लिए एक म्यूजिक प्रोड्यूसर की आवश्यकता होती है जो डिजिटल तरीके से म्यूजिक क्रिएट कर लेता है और उस म्यूजिक ट्रैक पर सिंगर अपना गाना गाता है जिसे सॉफ्टवेयर पर रिकॉर्ड कर ले जाता है,  आइए Song Kaise Banaye in Hindi - गाना कैसे बनाया जाता है? इसे हम विस्तार से समझते हैं। 

सॉन्ग राइटिंग

जब कोई व्यक्ति गाना बनाने की सोचता है तो पहला स्टेप होता है सॉन्ग राइटिंग यानी गीत लिखना, हम जितने भी गाने अभी के समय पर सुनते हैं उसे अनुभवी लोगों से लिखवा दिया जाता है, राइटर जो किसी भी विषय पर एक सुंदर गीत लिख सकते हैं, एक लेखक किसी विषय पर गीत लिखने के लिए उस विषय से संबंधित जांच पड़ताल या रिसर्च करता है जिससे उस विषय के बारे में उसे अधिक जानकारी प्राप्त होती है इसके परिणामस्वरूप वह अपने गीत में भावनाएं व्यक्त कर पाता है, गाने विभिन्न श्रेणियों पर लिखे जाते हैं जो प्यार, तकरार, खुशी वाले गाने, उदासी भरी गीत हो सकते हैं इस प्रकार के गीतों की रचना करने के लिए लेखक को गंभीर गहने चिंतन करने की आवश्यकता होती है, जितना अधिक वक्त एक गाने को लिखने में दिया जाएगा गाने का स्वरूप उतना ही अच्छा होगा।

गीत की धुन

लेखक द्वारा एक सुंदर गीत की रचना कर लेने के बाद उसे सुंदर धूल दिया जाता है, जब गीत लिखा जाता है उसी वक्त लेखक द्वारा गाने की धुन तैयार कर लिया जाता है यदि ऐसा ना हो तो गीत लिखने के बाद आराम से उसका धुन तैयार किया जा सकता है, गाने की धुन तैयार करते समय लेखक तथा गायक द्वारा सुंदर धुन का निर्माण किया जाता है, किसी भी गीत को यादगार बनाने के लिए उसमें मधुर धुन जोड़ना अति आवश्यक होता है, कागज पर लिखी गई गीत को सुनने लायक बनाने के लिए लेखक द्वारा बहुत परिश्रम किया जाता है फलस्वरूप गीत का एक सुंदर धुन बनकर तैयार हो जाता है।

म्यूजिक बनाना

गाने की एक सुंदर ढूंढ बना लेने के बाद उस गाने के लिए संगीत तैयार किया जाता है क्योंकि गीत संगीत के बिना अधूरा होता है, इस पर लेखक और गायक इनके अलावा उस गाने में योगदान देने वाले सभी कलाकारों द्वारा संगीत निर्माण पर विचार किया जाता है, जितना आसान होता है गाने सुनना उतना ही कठिन होता है गाने का निर्माण करना, किसी गीत के लिए म्यूजिक बनाने से पहले इस पर विचार होता है कि गाने की शुरुआत में कौन सी धुन आएगी किस प्रकार का संगीत बजाया जाएगा, गाने की अंतरा में कौन सा वाद्य यंत्र बचाना उचित रहेगा इत्यादि बातों पर खास ध्यान दिया जाता है, जब यह निश्चित कर लिया जाता है कि गाने का म्यूजिक बनाने में किन किन वाद्य यंत्रों की आवश्यकता पड़ेगी उसके बाद उन कलाकारों को एकत्रित किया जाता है जो उस वाद्य यंत्र को बजाना जानते हैं। जैसा कि मैंने बताया कि अभी के वक्त पर एक व्यक्ति द्वारा ही पूरे गाने का निर्माण किया जा सकता है एक व्यक्ति ही गाने का म्यूजिक तैयार कर सकता है किंतु कुछ ऐसे वाद्य यंत्र होते हैं जिसे अगर वास्तविक तौर पर बजाया जाए तो बेहतर म्यूजिक बनाया जा सकता है जैसे कितना तबला और बांसुरी।

डिजिटल तरीके से म्यूजिक का निर्माण

तकनीकी के क्षेत्र में विकास होने के बाद से अब म्यूजिक को डिजिटल तरीके से बनाया जा सकता है, इसके लिए किन किन उपकरणों तथा सॉफ्टवेयर की आवश्यकता पड़ेगी आइए जानते हैं -

सॉफ्टवेयर (Software)

डिजिटल माध्यम से गाने का निर्माण करने के लिए एक म्यूजिक मेकिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है, जिन सॉफ्टवेयर की सहायता से म्यूजिक बनाया जाता है उसे डिजिटल ऑडियो वर्कस्टेशन कहा जाता है, संक्षिप्त रूप में इसे DAW कहते हैं इसका काम होता है सिंगर की आवाज को डिजिटल तरीके से सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड करना, या अधिक स्पष्ट रूप से गायक की आवाज को रिकॉर्ड करने में सक्षम होते हैं, आजकल आप जितने भी गाने सुनते हैं वह डिजिटल ऑडियो वर्कस्टेशन की सहायता से ही बनाए जाते हैं।


डिजिटल ऑडियो वर्कस्टेशन सॉफ्टवेयर की विशेषताएं

  • यह डिजिटल तरीके से गाने को रिकॉर्ड करता है तथा यह स्पष्ट रूप से गायक की आवाज को रिकॉर्ड कर लेता है।
  • गायक को रिकॉर्डिंग के समय सहज महसूस कराने के लिए reverb तथा delay का उपयोग करना संभव है इससे गायक की आवाज और मधुर लगती है।
  • यदि सिंगर की आवाज कहीं पर भी शुरू हो जाए तो उसे DAW के माध्यम से मधुर बनाया जा सकता है।
  • सॉफ्टवेयर में ऑटोट्यून का ऑप्शन होता है जो सिंगर की आवाज को सुधारने का कार्य करता है इससे गाना अपने आप scale पर आ जाता है।
  • Music making software में बहुत सारे अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट के प्लगइन उपलब्ध होती जैसे कि पियानो, गिटार, हारमोनियम, तबला, ड्रम, स्नेयर इत्यादि जो गाने के निर्माण के लिए आवश्यक होते है।
  • इस सॉफ्टवेयर में अलग-अलग हार्डवेयर को कनेक्ट किया जा सकता है जिससे कि मिडी कीबोर्ड अथवा पियानो, गिटार, माइक्रोफोन, ऑडियो इंटरफेस इत्यादि।
  • म्यूजिक प्रोडक्शन सॉफ्टवेयर को डेवलपर द्वारा एडवांस्ड फीचर के साथ अपडेट किया जाता है जिसकी वजह से ही म्यूजिक प्रड्यूसर को अधिक वीएसटी प्लगइन तथा सुविधाएं सॉफ्टवेयर में मिल जाती है, सॉफ्टवेयर को अधिक उपयोगी बनाने के लिए टिप्लो पर द्वारा हमेशा कार्य किया जाता है।

माइक्रोफोन (Microphone /Mic)

जब गाने की रिकॉर्डिंग की जाती है तो सिंगर को माइक्रोफोन के ठीक सामने खड़ा होकर या बैठकर गीत गाना होता है जो माइक्रोफोन के माध्यम से रिकॉर्ड होकर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर मतलब डिजिटल ऑडियो वर्क स्टेशन पर चला जाता है, माइक्रोफोन अथवा माइक जिस पर गाना रिकॉर्ड होते हैं वह थोड़े महंगे आते हैं जिस पर हाई क्वालिटी ऑडियो रिकॉर्ड करना पॉसिबल होता है, बेस्ट रिकॉर्डिंग के लिए एक बेस्ट माइक्रोफोन का होना बहुत जरूरी होता है।

पॉप फिल्टर (Pop filter)

पॉप फिल्टर का काम होता है सिंगर की आवाज को पिरिटर करना, पॉप फिल्टर को माइक्रोफोन के ठीक आगे लगाया जाता है, जब सिंगर गीत गाता है तब उसके आवाज में हवा भी बाहर आती है जो माइक्रोफोन से टकराती है ऐसे में एयर भी सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड हो जाता है जिसकी वजह से सॉन्ग खराब रिकार्ड हो सकता है, इसी में सुधार करने के लिए पॉप फिल्टर को माइक्रोफोन के ठीक आगे सेट किया जाता है उसके बाद अगर कोई सिंगर गाना गाता है तो वह आज ही स्पष्ट रूप से सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड होता है।

माइक्रोफोन स्टैंड (Microphone stand)

माइक्रोफोन दो तरह के होते एक डायनेमिक माइक्रोफोन और दूसरा कंडेनसर माइक्रोफोन, डायनेमिक माइक्रोफोन को स्टेज शो पर स्पीच देने के लिए उपयोग किया जाता है, इसे हम हाथ में पकड़ कर कुछ भी स्पीच दे सकते हैं जो स्पीकर में सुनाई देता है लेकिन रिकॉर्डिंग करने के लिए कंडेंसर माइक्रोफोन का उपयोग किया जाता है जिसे हम हाथ में नहीं पकड़ सकते उसे हैंडल करने के लिए स्टैंड की आवश्यकता होती है, स्टैंड में एक शौक माउंट लगा होता है जो माइक्रोफोन को पकड़ कर रखता है, यदि रिकॉर्डिंग के समय माइक्रोफोन को हाथ लगाया जाए तो आपकी स्पर्श की आवाज भी सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड हो जाएगी इसलिए रिकॉर्डिंग के समय माइक्रोफोन और सिंगर के बीच एक निश्चित दूरी तय की जाती है।

ऑडियो इंटरफेस (Audio interface)

यह बहुत इंपोर्टेंट हार्डवेयर डिवाइस होता है जिस प्रकार डीजे को चलाने के लिए एंपलीफायर की आवश्यकता होती है जिसमें माइक, स्पीकर अथवा डीजे कनेक्टेड रहते हैं ठीक उसी प्रकार ऑडियो इंटरफेस में माइक्रोफोन, पियानो अथवा गिटार, मॉनिटर स्पीकर इत्यादि को केबल के माध्यम से कनेक्ट किया जाता है इस प्रकार रिकॉर्डिंग में उपयोग आने वाले सभी उपकरणों को ऑडियो इंटरफेस से कनेक्ट कर दिया जाता है, उसके बाद ऑडियो इंटरफेस को यूएसबी केबल के माध्यम से कंप्यूटर कनेक्ट कर दिया जाता है। उसके बाद जो भी रिकॉर्डिंग किया जाता है वह माइक्रोफोन से होकर ऑडियो इंटरफेस में जाता है और ऑडियो इंटरफेस से होकर कंप्यूटर में जाता है कंप्यूटर सॉफ्टवेयर होता है जिस पर सिंगर की आवाज रिकॉर्ड हो जाती है।

कंप्यूटर अथवा लैपटॉप (Computer system)

रिकॉर्डिंग करने के लिए एक कंप्यूटर का होना बहुत जरूरी होता है क्योंकि माइक्रोफोन में सिंगर जो भी गाना गाता है वह कंप्यूटर पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से रिकॉर्ड होता है, इसके लिए एक पावरफुल कंप्यूटर सिस्टम होना चाहिए क्योंकि म्यूजिक मेकिंग सॉफ्टवेयर पर बहुत हैवी काम होता है ऐसे में यदि सिस्टम पर 2GB RAM होगा तब वह हैंग हो सकता है, म्यूजिक निर्माण कार्य के लिए कंप्यूटर में कम से कम 4GB अथवा 8GB अथवा इससे अधिक RAM होना चाहिए।

स्टूडियो (Music studio)

म्यूजिक निर्माण करने के लिए सभी उपकरण एकत्रित कर लेने के बाद एक स्टूडियो की आवश्यकता होती है जहां पर सभी म्यूजिक इक्विपमेंट को एकत्रित करके उसे कंप्यूटर सिस्टम से कनेक्ट कर लिया जाता है, स्टूडियो को रिकॉर्डिंग के योग्य बनाने के लिए स्टूडियो की दीवार पर अकूस्टिक फाइनल लगाया जाता है जो यहां वहां जाने वाली आवाज की गूंज को ऑब्ज़र्व कर लेता है।

गाने की रिकॉर्डिंग करना (Song recording)

दोस्तों जब सब कुछ तैयार हो जाता है तब बारी आती है गाने की रिकॉर्डिंग की, सबसे पहले दो जो भी गाना लिखा गया है जो भी उसका धुन तैयार किया गया है उसके अनुसार किसी भी व्यक्ति से गाना गवा दिया जाता है उसके बाद एक अनुभवी सिंगर को बुलाया जाता है और उसे बेहतर तरीके से गाने के लिए कहा जाता है, और उसे ही फाइनल रूप दिया जाता है इस प्रकार गाने की रिकॉर्डिंग पूरी हो जाती है।

सॉन्ग की मिक्सिंग (Song mixing)

गाने की मिक्सिंग करना है यह म्यूजिक प्रोडक्शन का एक पार्ट है जब गाना रिकॉर्ड किया लिया जाता है तब वह संगीत के साथ सही से तालमेल नहीं बिठा पाता जिसकी वजह से म्यूजिक और सिंगर की आवाज अलग-अलग प्रतीत होता है, कुछ इंस्ट्रूमेंट की आवाज ऐसी होती है जो सिंगर की आवाज को दबा देती है, ड्रम पियानो और गिटार इत्यादि इंस्ट्रूमेंट के वॉल्यूम को कंट्रोल, बैलेंस करने के लिए गाने की मिक्सिंग करना बहुत जरूरी है, इसमें मुख्य रूप से गाने को सुनने लायक बनाया जाता है, गाने में रिकॉर्ड हुई बेस्ट पार्ट को एनहांस किया जाता है, और बेड वोकल को कट किया जाता है, कहने का मतलब यह है कि मिक्सिंग का उद्देश्य गाने से अनवांटेड फ्रीक्वेंसी को रिमूव करना और सभी इंस्ट्रूमेंट का सही से तालमेल बिठाना होता है।

मिक्सिंग पार्ट 2 (Song mixing part-2)

मिक्सिंह पार्ट 2 में गाने की दुबारा से मिक्सिंग होती है, फर्स्ट टाइम मिक्सिंग करने पर जो चीजें छूट जाती है उन चीजों को मिक्सिंग पार्ट 2 पर सुधार लिया जाता है जिससे एक गाने में क्वालिटी ऐड हो जाता है।

मास्टरिंग (Song mastering)

सॉन्ग बनाने में क्या फाइनल स्टेप होता है इसमें पूरे सॉन्ग की क्वालिटी को और बेहतर बनाया जाता है, कभी-कभी हमें सिंगर और म्यूजिक दोनों का साउंड अलग-अलग सुनाई देता है इन दोनों को सही तरीके से बैलेंस करने के लिए मास्टर किया जा सकता है इसमें फुल सॉन्ग की वॉल्यूम को थोड़ा सा एनहांस किया जाता है जिससे ऑडियो लाउड हो जाता है।

गाने को Export करना (Export song)

रिकॉर्डिंग सॉफ्टवेयर अथवा म्यूजिक मेकिंग सॉफ्टवेयर में Export का विकल्प मिलता है जिस पर क्लिक करके सॉफ्टवेयर में बनाए गए गाने को कंप्यूटर के फाइल में Save किया जा सकता है, Song को Export करते समय कुछ जरूरी सेटिंग्स करनी होती है, आप वहां पर ऑडियो फॉर्मेट चुन सकते हैं जैसे कि MP3 अथवा WAV ऑडियो फाइल फॉरमैट उसके बाद Export पर क्लिक करते ही ऑडियो फाइल कंप्यूटर के फाइल में सेव हो जाएगी।

तो इस तरह से गाना बनकर तैयार हो जाता है, उम्मीद करता हूं इस लेख को पढ़ने के बाद आपको सॉन्ग कैसे बनाएं, Song Kaise Banaye - Song Kaise Banaya Jata Hai का जवाब मिल गया होगा, गाना बना लेने के बाद उसे कंप्यूटर फाइल फोल्डर में सेव कर लिया जाता है उसके बाद उसकी टेस्टिंग की जाती है, गाने को अलग-अलग डिवाइस में प्ले करके देखा जाता है यदि सभी डिवाइस में आवाज सही से सुनाई दे रही है तो उस गाने को फाइनल कर लिया जाता है और फिर ऑडियंस में सुनने के लिए रिलीज कर दिया जाता है।


Final word - Song Kaise Banaye in Hindi

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