आज का यह लेख प्रदूषण पर निबंध - Pollution Essay in Hindi के बारे में है जिसके माध्यम से आप पर्यावरण, वायु, जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण आदि के बारे में पढ़ेंगे साथ ही किस तरीके से प्रदूषण को कम किया जा सकता, Pollution Control करने के तरीके जिससे आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ बनाया जा सके।

प्रदूषण पर निबंध - Pollution Essay in Hindi | प्रदूषण की समस्या पर निबंध 

प्रदूषण पर निबंध - Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध - Pollution Essay in Hindi

प्रस्तावना : Pollution Essay in Hindi


आज बड़े शहरों और गली - मुहल्ले में पर्यावरण प्रदूषण की समस्या (पॉल्यूशन) बढ़ती जा रही है जो अपने साथ कई बीमारियां ला रही है इससे लोगों को कई घातक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। शुद्ध हवा की कमी से सांस लेने में तकलीफ जैसे समस्याएं हो रही है ये समस्याएं अधिकतर बड़े - बड़े महानगरों में देखने को मिलती है, पर्यावरण सुरक्षा के लिए हमें प्रदूषण की समस्या के निदान के बारे में विचार करना चाहिए और उस पर अमल करना चाहिए तभी गांव, शहर, कस्बा, गली-मुहल्ले और पूरा देश स्वच्छ होगा और एक स्वच्छ भारत का निर्माण होगा।

प्रदूषण क्या है - What is Pollution in Hindi


प्रदूषण का अर्थ - प्रदूषण या पॉल्यूशन का सीधा सा मतलब है जल, वायु, और वातावरण का दूषित होना, पर्यावरण को नुकसान पहुंचना। आज कल रासायनिक खाद से मृदा भी प्रदूषित हो जाता और भूमि को उर्वरा शक्ति कम हो जाती है इसी तरह के कई प्रदूषण होते हैं आइए जानते इसके प्रकारों के बारे में।

प्रदूषण के प्रकार - प्रदूषण कितने प्रकार के होते हैं? 


वैसे तो कई तरह के प्रदूषण हो सकते हैं लेकिन उनमें से मुख्य चार प्रदूषण के बारे में जानते हैं -

1. जल प्रदूषण (Water Pollution)


कहा जाता है कि जल ही जीवन है और जल है तो कल है लेकिन फिर भी जल को व्यर्थ बहा दिया जाता है। मानव जाति और पशु पक्षियों के जीवन के लिए भी जल आवश्यक है यह मालूम होने के बावजूद भी नदियों, तालाबों में अपशिष्ट पदार्थों को बहा देते हैं इससे जल का रंग काला पड़ जाता है और वह उपयोग करने लायक नहीं रहता। यहां बात केवल छोटे तालाबों की नहीं है बड़ी नदी जैसे गंगा इस नदी को दुनिया की सबसे पवित्र नदी कहा जाता है इस नदी की पूजा भी की जाती है पर इंसानों द्वारा पूजन कार्य में उपयोग होने वाले वस्तुओं (अगरबत्ती बॉक्स, नारियल छिलका, प्लास्टिक आदि) को नदी में ही फेंक दिया जाता है यही कारण है कि स्वच्छ दिखने वाली गंगा नदी का जल अब मैली नजर आती है।

जल प्रदूषण का एक कारण नदी के किनारे पर स्थित फैक्ट्री या कारखाना है क्योंकि जब फैक्ट्री में काम चलता है और जो अपशिष्ट पदार्थ बच जाता है तो उसे नदियों में बहा दिया जाता है इसलिए कारखानों के सामने वाली नदी का पानी काला पड़ जाता है, इस पानी को नदी के किनारे करने वाले पशुओं द्वारा पिया जाता है और वे बीमार पड़ जाते हैं।

2. वायु प्रदूषण (Air Pollution)


व्यक्ति, पशु - पक्षी और पृथ्वी पर उपस्थित सभी जीव जंतुओं के लिए वायु बहुत महत्वपूर्ण होता है इसके बगैर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। स्वच्छ प्राण वायु सेहत के लिए लाभदायक साबित होता है वहीं प्रदूषित वायु से लोगों को सांस लेने और फेफड़े से संबंधित रोग से जूझना पड़ता है। 

आज कल रास्ते पर चलने वाले बड़े तथा छोटे वाहन से निकलने वाले इंजन के धुंए से वातावरण में प्रदूषण फैल रहा है जब एक साथ कई मोटरसाइकिल, ट्रक आदि चलते हैं तो इतना पॉल्यूशन उत्पन्न होता है जो आदमी को बीमार कर सकते हैं, बड़े महानगरों में वायु प्रदूषण की समस्या अक्सर देखने को मिलती है। 

भारत की राजधानी दिल्ली में खासकर ठंड के दिनों में वहां का वातावरण अधिक प्रदूषित जो जाता है, सुबह - सुबह दूर - दूर तक जहरीले धुएं देखने को मिलते हैं जो इंसान को बीमार कर सकते हैं। 

दीपावली, नए साल और कई बड़े - बड़े त्योहारों में मजे के लिए लोग अंधाधुंध आतिशबाजी और पटाखें फोड़ते हैं जिसके कारण वायु बहुत ज्यादा प्रदूषित हो जाती है, प्रदूषण से बचने के लिए इंसान तो चेहरे पर मास्क लगा लेगा लेकिन पक्षियों और जानवरों का क्या उन्हें तो जहरीला हवा को ही सांस लेना होगा, यही कारण है कि सांस से जुड़ी बीमारियां हो रही है।

3. ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution)

ऐसा प्रदूषण जिससे ध्वनि प्रदूषित हो जाता है उसे ध्वनि प्रदूषण कहा जाता है ध्वनि प्रदूषण कई कारणों से हो सकता है जैसे रोड में आजकल कई बड़े-बड़े गाड़ियां चलती है और उनमें अधिक ध्वनि निकलने वाले हॉर्न लगाए जाते हैं जो सुनने में अच्छा नहीं लगता, आपने देखा होगा कि आज कल मोटरसाइकिल में भी अधिक शोर करने वाले हॉर्न लगाए जाते हैं इसी से ध्वनि प्रदूषण होता है। 

किसी समारोह या प्रोग्राम में डीजे, लाउडस्पीकर लगाए जाते हैं जिससे लोग प्रोग्राम का आनंद लेते हैं लेकिन इससे वहां के वातावरण में ध्वनि प्रदूषण होता है ऐसी हर शोर-शराबे वाली ध्वनि जो कानों को ना भाता हो उसे ध्वनि प्रदूषण कहा जा सकता है।

4. मृदा प्रदूषण (Soil Pollution) 


इस तरह का प्रदूषण जिससे भूमि को नुकसान पहुंचता हो उसे भूमि प्रदूषण या मृदा प्रदूषण कहा जाता है। खेतों में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक और रासायनिक पदार्थों से वहां की भूमि में उर्वरा शक्ति कम होने लगती है और फसल पैदावार कम हो जाती है, इससे फसल के साथ-साथ भूमि को नुकसान पहुंचता है। यदि भूमि प्रदूषित हो तो इससे जल प्रदूषण भी हो जाता है क्योंकि जल भूमि में ही रहता है। भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिए खेती के दौरान गोबर से बने खादों का उपयोग किया जाना चाहिए इससे भूमि को कोई नुकसान नहीं होता। 

मृदा प्रदूषित होने के कारण - 

  • यहां - वहां कचरा, छिलका, प्लास्टिक फेंकना।
  • मिट्टी वाले रास्ते में डामर कि परत बिछाकर वहां की भूमि को क्षति पहुंचना।
  • बड़े कारखानों के गंदे पानी और अपशिष्ट पदार्थों को भूमि पर फेंकना। ये कुछ मुख्य कारण होते हैं मृदा प्रदूषित होने के।

प्रदूषण को रोकने के उपाय

  • प्रदूषण को रोकने के लिए हमें अपनी आदतों में कुछ आवश्यक सुधार करने होंगे, जैसे जहां - तहां कचरा फेकना बंद करके उसे कचरा पेटी में डालना होगा।
  • पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आसपास के वातावरण में साफ सफाई रखना और तालाबों में गंदगी ना फैलाकर प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
  • सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए प्लास्टिक से बनी थैली के बजाय कपड़े से बने थैली का इस्तेमाल करें।
  • रास्ते में यात्रा करते समय बस या ट्रेन के खिड़की से प्लास्टिक या बिना काम के चीजों को बाहर फेंकना बंद कर रहा होगा उसे अपने बैग में ही रखें और बाद में कूड़ेदान में डाल दे।
  • केवल एक व्यक्ति द्वारा प्रदूषण को कम नहीं किया जा सकता इसलिए इसका प्रचार करें अपने दोस्तों को भी ऐसे कार्य करने से रोके जो प्रकृति को नुकसान पहुंचाता हो।

उपसंहार :-

प्रकृति द्वारा निर्मित इस सुंदर वातावरण को स्वच्छ बनाए रखना है हर व्यक्ति का अधिकार होता है, आज देश में प्रदूषण की समस्या है इसका कारण मानव का स्वार्थ और लापरवाही भी है, तकनीकी इतनी बढ़ती गई इससे लोगों को बहुत फायदा भी हुआ लेकिन इससे प्रकृति को नुकसान भी हुआ है, हमें यह पता होना चाहिए कि प्रकृति में शुद्ध वायु के लिए वृक्षारोपण कार्य किया जाना चाहिए और प्रदूषण कम करने के लिए उन तरीकों को अपनाना चाहिए जिनका कोई दुष्प्रभाव ना हो हमारे प्रकृति के लिए।

Final Words - Pollution Essay in Hindi

इस लेख में आपने पढ़ा, प्रदूषण पर निबंध - Pollution Essay in Hindi उम्मीद करता हूं यह पोस्ट आपको पसंद आया हो, इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ भी सोशल मीडिया पर शेयर करिए।
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