दीवाली क्यों मनाई जाती है, जानिए दीपावली का महत्त्व

दिवाली दीपों का पर्व है इसलिए दिवाली के त्यौहार पर सभी घरों में दीए जलाए जाते हैं इस त्योहार को हम वर्षों से मनाते आ रहे हैं लेकिन दिवाली क्यों मनाई जाती है और इसका क्या महत्व है? इसके बारे में बहुत कम ही लोगों को पता है यदि आपको भी दिवाली के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है तो इस पोस्ट को पूरा पढ़ें यहां बताया गया है कि दीपावली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है? (दीवाली क्यों मनाई जाती है, जानिए दीपावली का महत्त्व) जिसे पढ़ने के बाद आपको दीपावली के महत्व और इतिहास के बारे में पता चल जाएगा इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर ताकि उन्हें भी दीवाली पर्व के बारे में अधिक जानकारी पता हो सके।

दीवाली क्यों मनाई जाती है, जानिए दीपावली का महत्त्व 


दीवाली क्यों मनाई जाती है, जानिए दीपावली का महत्त्व
Diwali Kyo Manai Jati Hai In Hindi


इतना तो हम सभी को पता है की दीपावली के त्यौहार पर दीए जलाए जाते हैं जिससे इस त्यौहार के मौके पर दीए की रोशनी से घर आंगन रौशन होते हैं इस वजह से दीपावली को दीपों का पर्व कहा जाता है।
दीपावली को देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है दिवाली मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं हैं माना जाता है की इन्हीं पौराणिक कथाओं के बाद से ही दीपावली का पर्व पूरे देश मनाया जाने लगा।


दिवाली/दीपावली कब मनाई जाती है? 


दीपावली या दिवाली के त्योहार को हर साल भारत में मनाया जाता है इसे प्राचीन युग से मनाया जाता रहा है दिवाली को कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है, दिवाली भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है दीपावली दीपों का पर्व है और इसे हर वर्ष मनाया जाता है इस वर्ष भी दिवाली को धूमधाम से मनाया जाएगा, इस साल दीवाली का त्यौहार 14 नवंबर 2020, दिन - शनिवार को पूरे भारत में मनाया जाएगा।

जानिए दीपावली का महत्त्व - हिंदी में 


वैसे तो भारत में कई अलग-अलग त्योहार हर साल मनाएं जाते हैं लेकिन भारतवर्ष के सभी त्योहारों में से दिवाली को एक बड़े पर्व के रूप में प्रतिवर्ष मनाया जाता है इस त्यौहार का धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से बहुत महत्व है दिवाली के त्यौहार को हिन्दू धर्म के अलावा बौद्घ, सिख और जैन धर्म के लोग भी मानते हैं, लेकिन वे इस त्योहार को अलग - अलग दिवस के रूप में मनाते हैं जैसे कि जैन धर्म के लोग इसे महावीर के मोक्ष दिवस के रूप में मनाते हैं वही सीख समुदाय में इसे बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाया जाता है। दिवाली को लेकर माना जाता है कि इस दिन अयोध्या के राजा श्री राम, 14 वर्ष के वनवास के बाद वापस अपने निवास स्थान अयोध्या में पधारे थे, अब जानते हैं दिवाली (दीपावली) के बारे में (Diwali Kyo Manai Jati Hai In Hindi) इसके बारे में अधिक जानने के लिए नीचे पढ़ें🔻

दीवाली क्यों मनाई जाती है? - जानिए हिंदी में 


दिवाली या दीपावली त्यौहार मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं या कहानियां है, मान्यता है कि इन्हीं कथाओं/कहानियों के बाद से ही दीपावली पर्व मनाया जाने लगा, नीचे आपको उन कथाओं के बारे में बताया गया है जिनके बाद से दिवाली पर्व मनाना शुरू हुआ इससे आपको पता चलेगा की दिवाली क्यों मनाई जाती है


1. दिवाली मनाने के पीछे यह माना जाता है कि जब अयोध्या के राजा श्री राम 14 वर्ष के लिए अपने महल को छोड़कर वनवास के लिए गए थे वहां लंकापति रावण ने सीता का हरण कर दिया था उसके बाद श्रीराम ने सीता को वापिस लाने के लिए लंका पर आक्रमण कर लंकापति रावण का वध कर दिया, उसके बाद जब 14 वर्ष पूरे हो गए वे वापिस अयोध्या को पधारे, तब वहां के रहने वाले (नगरवासियों) ने उनका स्वागत पूरे अयोध्या (महल) में दीए जलाकर किए, उस वक्त अयोध्या को रौशनी से सजाया गया था उसके बाद से ही पूरे भारतवर्ष में दिवाली पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

2. पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, दीपावली के दिन ही माता लक्ष्मी दूध के सागर से उत्पन्न हुई थी, साथ ही समुद्र मंथन में दौरान कुबेर, अरोग्यदेव और धन्वंतरि भी प्रकट हुए थे इसलिए दिवाली के त्योहार पर माता लक्ष्मी जी की मूर्ति की पूजा की जाती है।

3. दोनों कथाओं की तरह ही एक पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर दैत्य राज हिरण्यकश्यप का वध किया था तो सारे प्रजा जनों ने उस दिन घी का दीपक जलाकर दिवाली मनाई थी तब से आज तक दिवाली का पर्व मनाया जा रहा है।

दिवाली का त्यौहार कैसे मनाया जाता है? (Diwali kaise manate hain)


दिवाली त्यौहार के पीछे कई पौराणिक कहानियां और मान्यताएं हैं इसलिए देश के अलग-अलग हिस्सों में इस पर्व को अलग और दूसरे ढंग से भी मनाया जाता है, लेकिन आमतौर पर जैसा कि हम सभी को पता है दिवाली को दीपों का पर्व कहा जाता है और इस दिन शाम को हर घरों, अंगनों और गौशाला में भी दीपक जलाकर रौशनी किया जाता है इस दिन शाम से लेेकर रात तक हर किसी के घरों में दीपक की रौशनी देखी जा सकती है, दीपक के अलावा दिवाली में धन की देवी मां लक्ष्मी और गणेश जी की भी पूजा की जाती है, अब शायद आपकेेे मन में यह भी सवाल आ रहा होगा कि दिवाली पर मां लक्ष्मी और गणेश जी की ही पूजा क्यों की जाती है, इसके बारे में जानने के लिए नीचे पढ़िए🔻

दिवाली पर मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा क्यों की जाती है?


हिंदू धर्म की मान्यताओं व परंपराओं के अनुसार मां लक्ष्मी को धन की देवी, और गणेश जी को रिद्धि सिद्धि के अधिपति के रूप में माना जाता है, कहा जाता है कि मां लक्ष्मी एक स्थान पर अधिक समय तक नहीं रूकती हैं, माता उसी के पास टिकती हैं जिनके पास बुध्दि होता है, सीधे-सीधे कहीं तो दीपावली पर मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा इसलिए की जाती है क्योंकि मान्यता है की लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करने से घर में धन और बुद्धि दोनों एक साथ मिलते हैं इस वजह से इस दिन गणेश और लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है।

तो अब आपको पता चल गया होगा कि भारतवर्ष में (दीवाली क्यों मनाई जाती है), दिवाली पर्व क्यों मनाया जाता है?, कब मनाया जाता है?, दिवाली का महत्व क्या है और दिवाली में मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा क्यों की जाती है?, यदि आपको यह लेेख पसंद आया तो कमेंट में जरूर बताएं, आप यह भी बता सकते हैं कि आपको अगला पोस्ट किस टॉपिक या त्यौहार पर चाहिए मैं वह पोस्ट पब्लिश करने की पूरी कोशिश करूंगा।

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